अनुप्रयुक्त अनुसंधान एवं विकास केंद्र (कार्ड)

  

 


नेयवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन लिमिटेड का आंतरिक अनुप्रयुक्त अनुसंधान एवं विकास केंद्र (कार्ड) है तथा इसे 1975 से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त है।

1995-2000 के दौरान संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूनिडो) द्वारा प्रायोजित परियोजना (लेरी) के अधीन परीक्षण तथा अ एवं वि सुविधाओं का उन्नयन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य कार्ड को मज़बूती देते हुए इसकी क्षमता में सुधार कर उद्योग एवं सरकार को विश्लेषणात्मक, पर्यावरणीय निगरानी, ​​अ एवं वि, तकनीक एवं सेवाएं प्रदान करना है। इस परियोजना के अधीन, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों की सेवा का उपयोग लिग्नाइट उपयोजन एवं ओपनकास्ट खानों, विद्युत गृह संबंधित समस्याओं के लिए किया गया तथा अत्याधुनिक उपकरणों का अधिग्रहण, प्रशिक्षण तथा दहन एवं गैसीकरण परीक्षण सुविधाओं को स्थापित किया गया। कार्ड के प्रमुख कार्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परियोजनाओं (कोयला मंत्रालय), आंतरिक एस एवं टी योजना परियोजनाओं, प्रदूषण स्तर मापन, गुणवत्ता नियंत्रण परीक्षण एवं परामर्श सेवाएं, अ एवं वि पर आधारित प्रायोगिक संयंत्र अध्ययन तथा विकसित तकनीक का व्यावसायीकरण, अन्य एनएलसी एककों द्वारा ली गई एस एवं टी परियोजनाओं का समन्वय, विद्यार्थियों के लिए संस्थागत सेवाएं, संचालन एवं नवीन योजनाओं के लिए विशेष अध्ययन इत्यादि करना है।

 

परीक्षण सुविधाएं

कार्ड के पास एक अच्छी तरह से स्थापित विश्लेषणात्मक सुविधा है तथा यह खानों, ताप गृहों तथा अन्य सेवा एककों के साथ-साथ बाहरी एजेंसियों में प्रयोग होने वाले विभिन्न उत्पादों / सामग्रियों के गुणवत्ता नियंत्रण की ओर विश्लेषणात्मक सेवाएं प्रदान करता है। विश्लेषणात्मक परीक्षण सुविधा में लिग्नाइट विश्लेषणात्मक, माइक्रेबायोलोजी, सामग्री परीक्षण, पर्यावरणीय अनुभाग, भूमि यांत्रिक अनुभाग, धातु परीक्षण, रंग परीक्षण, सामान्य विश्लेषणात्मक, पेट्रोग्राफी इत्यादि समाहित है।
उपलब्ध अत्याधुनिक उपकरणों में ईडीएस के साथ स्कैनिंग इलेकट्रॉन माइक्रोस्कोप, ईडी-एक्स-रे प्रतिदीप्ति स्पेक्ट्रोमीटर, मौलिक विश्लेषक, टीजीए / डीटीए, तापीय माइक्रोस्कोप, इंडक्टिवली कपल्ड पलाज़्मा स्पेक्ट्रोमीटर, परमाणु अवशोषण स्पेक्ट्रोमीटर, उच्च दबाव तरल आयन क्रोमेटोग्राफ, नाइट्रोजन विश्लेषक, प्रतिदीप्ति माइक्रोस्कोप, पेट्रोग्राफी माइक्रोस्कोप, मेटालर्जिकल माइक्रोस्कोप, भूतल क्षेत्र विश्लेषक, निरंतर परिवेश वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली, ऊर्जा गुणवत्ता विश्लेषक इत्यादि समाहित हैं। कार्ड की सुविधाएं आंतरिक प्रयोग के लिए उपलब्ध हैं तथा सेल, बीएचईएल, एमईसीएल, जीएसआई, एसटीसीएमएस इत्यादि जैसी अन्य एजेंसियों द्वारा उपयोग की जाती हैं।

 

स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप वास्तविक समय वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली
कार्ड ने दैनंदिन नमूना संबंधित कार्यों के लिए एक अनुप्रयुक्त उपकरण प्रयोगशाला सूचना प्रबंधन प्रणाली (लिम्स) का कार्यान्वयन किया है।

 

अनुसंधान एवं विकास

कार्ड लिग्नाइट के उपयोग, विविधता, उत्पाद विकास, सह-उत्पाद उपयोग, ठोस अपशिष्ट प्रंबंधन, बंजर भूमि उद्धार, जंग मूल्यांकन एवं रोकथाम इत्यादि पर विभिन्न अनुसंधान एवं विकास कार्य कर रहा है। इन परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए कार्ड आईआईटी-दिल्ली, आईआईटीएम-चेन्नै, आईआईटी-खड़गपुर, सीआईएमएफआर-धनबाद, टीएनएयू-कोयंबतूर, बीएचईएल-त्रिची, अण्णा विश्वविद्यालय-चेन्नै, मद्रास विश्वविद्यालय-चेन्नै, अण्णामलै विश्वविद्यालय-चिदंबरम, एनआईआईएसटी-तिरुवनंतपुरम, वीआईटी-वेल्लूर, एनआईटी-त्रिची, सीईसीआरआई-कराईकुड़ी, वीसीआरसी-पुदुचेरी, आईआरईआरसी-कोल्लम इत्यादि बाहरी एजेंसियों के साथ सहभागिता कर रहा है। अनुसंधान एवं विकास कार्यों पर आधारित कुछ प्रक्रियाओं को प्रायोगिक संयंत्र पैमाने पर उठाया गया है। इन परियोजनाओं में कोयला मंत्रालय वित्त पोषित अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं के साथ-साथ आंतरिक एस एवं टी वित्त पोषित परियोजनाएं समाहित हैं। कार्ड ने कोयला मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित सत्रह तथा आंतरिक अनुसंधान एवं विकास के अधीन सत्रह परियोजनाओं को पूर्ण किया है। कोयला मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित दो तथा आंतरिक अनुसंधान एवं विकास के अधीन दो परियोजनाएं एवं नीडो, जापान सरकार के वित्त पोषण के साथ मैसर्स कोब स्टील लि।, जापान के साथ सहभागिता में भूरे कोयले के उन्नयन पर अध्ययन कार्याधीन है।

कार्ड / एनएलसी ने खान स्पॉइल उद्धार, एकीकृत कृषि प्रणाली, ढलान स्थिरीकरण, राख तालाब उद्धार, फ्लाई राख, तल राख तथा तल स्लैग इत्यादि पर व्यापक अध्ययन आयोजित किए हैं।

उपयुक्त कोटिंग सामग्री विकसित करने के लिए खानों की एसएमई संरचनाओं में जंग पर अध्ययन आयोजित किया गया है। खनन वातावरण में प्रतिकूल स्थितियों के कारणवश कटाव-जंग से बचाव के लिए एसडब्ल्यूसी पंपों में भी जंग पर अध्ययन आयोजित किया जा रहा है।

पाली सिलोक्सने के साथ कोटड 148 स्प्रेडर खान || में के साथ ढलान स्थिरीकरण एकीकृत कृषि प्रणाली
 

नवीन उत्पादों का विकास

कार्ड ने लिग्नाइट से पोटेशियम ह्यूमेट के उत्पादन की प्रक्रिया को पेटेंट किया है। पोटेशियम ह्यूमेट मिट्टी में ऑर्गेनिक पदार्थ की स्थिति को बढ़ाने में सहायता करता है तथा पौधों में एक वृद्धि उत्तेजक है। इस उत्पाद के व्यावसायीकरण से एक मूल्य वर्धित उत्पाद के निर्माण में लिग्नाइट की विविध उपयोगिता होगी जिससे देश में कृषि विकास को बढ़ावा मिलेगा।

कार्ड ने नेयवेली लिग्नाइट से सक्रिय कार्बन के निर्माण की प्रक्रिया के विकास हेतु राष्ट्रीय अंर्तअनुशासनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्था (एनआईआईएसटी), तिरुवनंतपुरम के साथ एक संयुक्त अनुसंधान एवं विकास परियोजना सफलतापूर्वक पूर्ण की है। यह लिग्नाइट से सक्रिय कार्बन के उत्पादन का एक मौलिक तरीका है। ताप विद्युत गृहों के ब्लो डाउन पानी में कैल्शियम की कमी के लिए आईआईटी| खड़गपुर को दी गई परामर्श परियोजना के अधीन नेयवेली लिग्नाइट फ्लाई राख से ज़ियोलाइट संश्लेषित किया गया है। कार्ड पर प्रायोगिक स्तर के जल शोधन संयंत्र में ज़ियोलाइट के उपयोग हेतु व्यवहार्यता अध्ययन प्रस्तावित किया गया है।

 

प्रायोगिक संयंत्र

पोटेशियम ह्यूमेट: 7.20 लाख लीटर प्रति वर्ष क्षमता के प्रायोगिक संयंत्र को सफलतापूर्वक विकसित किया गया है। लिग्नाइट से ह्यूमिक एसिड निकाला जाता है। पोटेशियम ह्यूमेट का उपयोग कृषि अनुप्रयोजन एवं भूमि उद्धार के लिए किया जाता है। विश्व पर्यावरणीय संस्था द्वारा वर्ष 2008 के दौरान स्वर्ण मयूर पारस्थितिकी अभिनव पुरस्कार प्राप्त किया। बायोफर्टिलाइज़र: लिग्नाइट को एक वाहक सामग्री के रूप में उपयोग करते हुए राइज़ोबियम, ऐज़ोस्पिरीलम, एज़ोटोबैक्टर तथा फोस्फोबैक्टीरिया जैसे बायोफर्टिलाइज़र निर्मित किए जाते हैं। ये उत्पाद मुख्यत: रूप से खान स्पॉइल / राख तालाब उद्धार तथा वृक्षारोपण में हरित परिधि विकास में उपयोग होते हैं। सक्रिय कार्बन प्रायोगिक संयंत्र: लिग्नाइट से सक्रिय कार्बन के उत्पादन की प्रक्रिया के विकास हेतु एक प्रायोगिक संयंत्र निर्मित किया गया था। उत्पाद पर गुणवत्ता हेतु परीक्षण किया गया तथा सुधार हेतु आगामी अध्ययन प्रगति पर हैं। फ्लाई राख से ज़ियोलाइट: फ्लाई राख से ज़ियोलाइट के निर्माण हेतु एक बेंच स्तर संयत्र की स्थापना की गई है।

 

ह्यूमिक एसिड संयंत्र ज़ियोलाइट बेंच स्केल संयंत्र

 

 एनएलसी इंडिया लिमिटेड