Board of Directors

 

श्री राकेश कुमार, अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक:
श्री राकेश कुमार ने दिनांक 28.09.2018 को एनएलसी इंडिया लिमिटेड (एनएलसीआईएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक पद का कार्यभार ग्रहण किया। श्री राकेश कुमार वित्त में व्यापार प्रशासन की स्नातकोत्तर डिग्री के साथ वाणिज्य के स्नातक हैं। वे एनएलसी में 2012 में ज्वाइन हुए थे। एनएलसी से जुड़ने से पूर्व, वे बी.सी.पी.एल और गेल (एक महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम) की विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं जैसे एच.वी.जे. पाइपलाइन परियोजना, सी.एन.जी परियोजना, धबोल विद्युत परियोजना का पुनरुद्धार, लिग्नाइट एवं कोयला आधारित ताप विद्युत परियोजनाएं, ई.आर.पी. द्वारा डब्ल्यू.ए.सी.सी. तथा लेवरेजिंग प्रौद्योगिकी का प्रयोग करते हुए नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का मानकीकरण, ई-प्रापण एवं ई-बैंकिंग, ईक्विटी, ऋण (स्थानीय के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार) को समाहित करते हुए संसाधनों का जुटाव इत्यादि से संबंधित काम से जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे एनएलसी के वित्त विभाग का नेतृत्व कर रहे हैं तथा वित्त एवं खातों, राजकोष एवं जोखिम प्रबंधन, बजटीय एवं लागत नियंत्रण, कर नियोजन, निगमित शासन-प्रणाली इत्यादि के प्रभावी नियंत्रण हेतु विभिन्न प्रणालियां शुरू कर चुके हैं। वित्तीय प्रबंधन में उनके द्वारा दिए गए योगदान को मान्यता देते हुए उन्हें उपलब्धिकर्ता एवं लीडर पुरस्कार (वित्त) तथा वित्त नेतृत्व पुरस्कार प्रदान किया गया है। उन्हें महारत्न/नवरत्न श्रेणी के सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में निदेशक (वित्त) के रूप में अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए बी.टी स्टार पी.एस.यू. उत्कृष्टता पुरस्कार भी प्रदान किया जा चुका है। वे अमरीका, यूरोप एवं जापान समेत विदेश की विस्तृत यात्रा कर चुके हैं।

श्री मोहम्मद नसिमुद्दीन, अंशकालिक आधिकारि‍क निदेशक :
श्री मोहम्मद नसिमुद्दीन, 54 वर्ष, ऑनर्स स्नातक है और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर एवं बर्मिंघम विश्वविद्यालय, यूनाइटेड किंगडम में प्रबंधन में स्नातकोत्तर किया। भारतीय प्रशासनिक सेवा के सदस्य श्री मोहम्मद नसीमुद्दीन ने तमिलनाडु सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वर्तमान श्री मोहम्मद नसीमुद्दीन तमिलनाडु सरकार, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत हैं।

श्री आर. विक्रमन, निदेशक (मानव संसाधन):

श्री आर. विक्रमन, मुख्य महा प्रबंधक/मानव संसाधन ने 09-12-2016 को एनएलसी इंडिया लिमिटेड के नए निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में कार्यभार संभाला। प्रतिष्ठित केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों के शीर्ष-सोपानकों के साथ वर्गीकृत होने की यह अद्वितीय स्थिति श्री विक्रमन के निष्पादन क्षेत्रों में तीस वर्षों से अधिक के उत्कृष्टता हेतु अथक प्रयास का फल है। वे प्रतिष्ठित अलगप्पा चेट्टियार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नॉलजी, कारैकुड़ी (एसीसीई एवं टी) से यांत्रिकी अभियंता हैं तथा विश्वविद्यालय में द्वितीय स्थान के साथ व्यापार प्रशासन (एमबीए) में स्नातकोत्तर डिग्री धारक हैं। एनएलसी से स्नातक अभियंता प्रशिक्षु के रूप में जुड़ते हुए, वे ताप विद्युत गृह-II स्तर-II (4x210 मे.वा) परियोजना के बिना समय या लागत में लंघन के सफलतापूर्वक निर्माण, प्रारंभ एवं संचालन में लिप्त रहे। अपनी सेवा के क्रम को अभियांत्रिकी से प्रबंधन में बदलने के पश्चात् वे कई नवप्रवर्तनों को लाते हुए दस वर्षों से अधिक समय तक निगमित मा.सं. विभाग के मामलों में शीर्ष पर रहे। निगमित कार्य के पश्चात्, सभी थर्मल एककों के “मा.सं. के समूह प्रमुख” बनने से पूर्व उन्होंने एनएलसी के खान-II एवं खान-II विस्तार तथा ताप विद्युत गृह-II के मा.सं. विभागों के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला। वे सौंपे गए हर कार्य में उत्कृष्ट रहे हैं तथा मा.सं. में उनके महत्वपूर्ण योगदानों में कुशल संकट प्रबंधन, श्रम-दिवस हानि के बावजूद शून्य उत्पादन हानि सुनिश्चित करना, सेवारत एककों को अनुशासित करना तथा निर्बाध एवं सौहार्दपूर्ण औद्योगिक माहौल सुनिश्चित करना समाहित है। श्री विक्रमन भारत में तकनीकी एवं प्रबंधन विषयों पर कई प्रशिक्षण कार्यक्रमों में तथा यू.के. एवं जर्मनी में “उन्नत प्रौद्योगिकी प्रबंधन” कार्यक्रम में भाग ले चुके हैं। वे सिंगापुर, मलेशिया, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी एवं फ्राँस जैसे कई विदेशी राष्ट्रों का दौरा कर चुके हैं। वे कार्मिक प्रबंधन के राष्ट्रीय संस्थान (एनआईपीएम) के आजीवन सदस्य हैं तथा वर्तमान में एनआईपीएम, नेयवेली चैप्टर के माननीय सचिव हैं। एनएलसी एवं एनआईपीएम के तत्वावधान में विभिन्न कार्यशालाओं और संगोष्ठियों का आयोजन करने में उनका योगदान उल्लेखनीय है।.

श्री नाडेल्‍ला नाग महेश्वर राव, निदेशक (योजना एवं परियोजना):

श्री नाडेल्‍ला नाग महेश्वर राव, आयु 57 वर्ष, विद्युत् एवं इलेक्ट्रॉनिकी इंजीनियरिंग में स्नातक है। उन्‍होंने आईआईटी, दिल्ली से विद्युत उत्पादन प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर (एम.टेक) की डिग्री और व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त किये हैं।
श्री नाडेल्‍ला नाग महेश्वर राव ने दिनांक 29.06.2018 को एनएलसी इंडिया लिमिटेड के निदेशक (योजना एवं परियोजना) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है।
वर्ष 2013 में एनएलसी के महाप्रबंधक के रूप में कार्यभार ग्रहण करने से पहले, श्री नाडेल्‍ला नाग महेश्वर राव ने एनटीपीसी लिमिटेड में ताप विद्युत संयंत्रों के परियोजना निष्पादन करने में विभिन्न पदों पर तथा रिलांयस पॉवर लिमिटेड में परियोजना निष्पादन करने एवं ताप विद्युत परियोजना के ओ & एम में लगभग 4 वर्षों तक कार्य किया है। एनएलसी में पद ग्रहण करने के साथ उन्‍हें बरसिंहसर ताप विद्युत परियोजना, राजस्थान में तैनात किया गया। उसके बाद उन्‍होंने एनएलसीआईएल बरसिंहसर खान सह ताप विद्युत परियोजना के परियोजना प्रमुख एवं एनएलसीआईएल बीठनोक ताप विद्युत परियोजना और बरसिंहसर ताप विद्युत स्टेशन विस्तार परियोजना के प्रमुख के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। उन्‍होंने बरसिंहसर ताप विद्युत परियोजना में संयंत्र के निर्धारित क्षमता को प्राप्त करने हेतु आवश्यक संशोधन को सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया। श्री नाडेल्‍ला नाग महेश्वर राव को ताप विद्युत परियोजना में व्यापक अनुभव है और खान सह ताप परियोजना में भी प्रशासनिक अनुभव है। उन्‍होंने अपने कार्य-क्षेत्र में कई उपलब्धियाँ प्राप्त किये।

श्री प्रभाकर चौकी, (निदेशक) खान:

श्री प्रभाकर चौकी, आयु 57 वर्ष, खनन में स्नातक है और उनके पास भारतीय खनन अधिनियम के अधीन सक्षम (कोयला) का प्रथम श्रेणी प्रमाण-पत्र है। श्री प्रभाकर चौकी ने वर्ष 1984 में कोल इंडिया लिमिटेड में अपना कैरियर शुरू किया तथा वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, कोल इंडिया लिमिटेड में विभिन्न पदों पर कार्य किया है। श्री प्रभाकर चौकी के पास ओपनकास्ट कोल खान के साथ-साथ खान योजना, उत्पादन, प्रबंधन, पर्यवेक्षण, भूमिगत के निदेशन एवं नियंत्रण के क्षेत्रों में व्‍यापक अनुभव है। वे वर्ष 2003 में अशोक ऑसीपी, जो एक हरित खनन गतिविधि है, में खनिक सतह के निर्देशन में उपकारी थे तथा हजारीबाग क्षेत्र में बंद ओपनकास्ट खान में से एक तापिन साउथ को भी पुन:शुरू किया है।

श्री शाजी जॉन

श्री शाजी जॉन, निदेशक (विद्युत) :

श्री शाजी जॉन, आयु 56 वर्ष, यांत्रिक इंजीनियरिंग में स्नातक और प्रौद्योगिकी निष्‍णात (ताप इंजीनियरिंग) में स्नातकोत्तर भी हैं। श्री शाजी जॉन ने वर्ष 1989 में एनटीपीसी से अपने कैरियर की शुरुआत की और उन्‍होंने एनएलसी इंडिया लिमिटेड में शामिल होने से पूर्व 2017 तक विभिन्न योग्यताओं पर कार्य किया हैं। श्री शाजी जॉन ने 2017 में एनएलसी इंडिया लिमिटेड में कार्यग्रहण किया और एनएलसी तमिलनाडु विद्युत लिमिटेड (एनएलसीआईएल और टैंजेड्को के बीच एक संयुक्त उद्यम कंपनी) में तैनात किया गया और मार्च 2017 से मार्च 2018 तक की अवधि के दौरान, वे महाप्रबंधक (संचालक और अनुरक्षक) के रूप में पदस्थापित थे और उन्‍होंने 1 अप्रैल 2018 से 20 फरवरी 2019 तक उपरोक्त संयुक्त उद्यम कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में कार्य किया। दिनांक 17.04.2019 से प्रभावी निदेशक (खान) के रूप में पदभार ग्रहण करने से पूर्ण, वे कंपनी में मुख्य महाप्रबंधक के ओएसडी पद पर थे। उनके पास ताप विद्युत संयंत्रों के बॉयलर अनुरक्षण, संचालन एवं अनुरक्षण में व्यापक अनुभव है।

श्री आज़ाद सिंह तूर, गैर-सरकारी अंशकालिक निदेशक (स्वतंत्र निदेशक):

अर्थ शास्त्र, राजनीति विज्ञान एवं अंग्रेजी में स्नातक श्री आज़ाद सिंह तूर, भारतीय विदेश सेवा के सदस्य रह चुके हैं। श्री आज़ाद सिंह तूर ने भारत सरकार में राजदूत सहित विभिन्न पदों पर कार्य किया तथा राजनयिक के रूप में सेवानिवृत्त हुए। श्री आज़ाद सिंह तूर ने गैर-सरकारी अंशकालिक निदेशक (स्वतंत्र निदेशक) के रूप में प्रभार ग्रहण किया है।

श्री के. माधवन नायर, गैर-सरकारी अंशकालिक निदेशक (स्वतंत्र निदेशक):
अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर श्री के. माधवन नायर, शिक्षण में कार्यकाल तथा आयकर विभाग एवं प्रवर्तन निदेशालय में कार्य करने के पश्चात् 1975 में भारतीय राजस्व सेवा से जुड़े। भारत के विभिन्न स्थानों में अन्वेषण, प्रशिक्षण एवं क्षेत्र समनुदेशन कार्य कर चुके श्री के. माधवन नायर अन्वेषण एवं विधायन के संविभाग संभालने के पश्चात् जिसमें संघीय बजट के हिस्से के रूप में प्रत्यक्ष कर की तैयारी अंतर्निहित थी, वर्ष 2012 में प्रत्यक्ष कर के केंद्रीय बोर्ड के सदस्य के रूप मे सेवानिवृत्त हुए। श्री के. माधवन नायर वित्त मंत्री द्वारा गठित काले धन संबंधी समिति के उपाध्यक्ष भी रहे और बाद में कोची, केरल राज्य में आयकर लोकपाल के रूप में कार्य किया। श्री के. माधवन नायर ने गैर-सरकारी अंशकालिक निदेशक (स्वतंत्र निदेशक) के रूप में प्रभार ग्रहण किया।

श्रीमती नलिनी पद्मनाभन, स्वतंत्र निदेशक:
श्रीमती नलिनी पद्मनाभन एक अनुशीलनरत चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं जो वर्ष 1985 से अनुशीलन में हैं तथा 3 दशकों में फैला हुआ समृद्ध वृत्तिक अनुभव रखती हैं। वे बी. त्यागराजन एंड कंपनी, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, चेन्नई में वरिष्ठ भागीदार हैं। बी. त्यागराजन एंड कंपनी, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स 12 भागीदारों के साथ एक व्यवसाय संघ है तथा 4 दशकों से अनुशीलन में है। सुश्री नलिनी पद्मनाभन प्रणाली लेखापरीक्षा एवं व्यापार परामर्शदात्री क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखती हैं। सुश्री नलिनी पद्मनाभन आई.टी., वस्त्र, आभूषण, शैक्षणिक संस्थानों, अभियांत्रिकी एवं बैंकिंग क्षेत्रों के कार्य संभालती हैं। वे भारतीय स्टेट बैंक, चेन्नई स्थानीय बोर्ड में 3 वर्षों की अवधि (2003 से 2006) हेतु भारत सरकार द्वारा नियुक्त निदेशक के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं। सुश्री नलिनी पद्मनाभन एक प्रतिष्ठित प्रमुख प्रबंधन संस्थान मद्रास प्रबंधन संघ की प्रबंध समिति सदस्य के रूप में सेवारत हैं। सुश्री नलिनी पद्मनाभन प्रेरणा हेल्पलाइन फाउंडेशन की संस्थापक सदस्य हैं जो एक एनजीओ संस्थान के रूप में जनआवश्यकताओं की पूर्ति करता है। सुश्री नलिनी पद्मनाभन ने वित्त से संबंधित विषयों पर विभिन्न संगोष्ठियों एवं सम्मेलनों में लेखों का योगदान दिया है। सुश्री नलिनी पद्मनाभन ने गैर-वित्त कार्यकारियों हेतु व्यापार विकास, व्यक्तित्व सुधार एवं वित्त के क्षेत्रों में पार्षदों के गैर-वित्त कार्यकारियों, मुख्य वित्तीय अधिकारियों एवं वरिष्ठ कार्यकारियों के लिए कक्षाएं ले चुकी हैं। सुश्री नलिनी पद्मनाभन सामाजिक गतिविधियों विशेष रूप से महिला उत्थान कार्यक्रमों के क्षेत्रों में रुचि रखती हैं तथा दलित परिवेशों से कई महिला जनसमूहों को परामर्श दे चुकी हैं।

श्री इंद्रजीत पाल, स्वतंत्र निदेशक:
श्री इंद्रजीत पाल दिल्ली विश्वविद्यालय से रसायन शास्त्र में प्रावीण्य स्नातक के साथ जैविक रसायन शास्त्र में स्नातकोत्तर हैं। श्री इंद्रजीत पाल भारतीय सार्वजनिक प्रशासन संस्थान से सार्वजनिक प्रशासन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा तथा पंजाब विश्वविद्यालय से सामाजिक विज्ञान में एम.फिल. धारक भी हैं। वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के सदस्य रह चुके हैं (1977 बैच, आंध्रप्रदेश संवर्ग) तथा वर्ष 2014 में सचिव, भारत सरकार, रसायन एवं पेट्रोरसायन विभाग के रूप में सेवानिवृत्त होने से पूर्व आंध्रप्रदेश सरकार, भारत सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, इत्यादि में विभिन्न महत्वपूर्ण पद संभाल चुके हैं।

डॉ.पी.विष्णु देव, स्वतंत्र निदेशक :
डॉ.पी.विष्णु देव, ए.म, ए.एससी (मनोविज्ञान), पी.एच.डी उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद, भारत के समाज-शास्त्र के एक सुप्रसिद्ध प्राध्यापक है। वर्तमान में, वे राज्य एनएसएस अधिकारी, उच्चतर शिक्षा विभाग, तेलंगाना सरकार के रूप में सेवारत हैं। वे ट्युबिन्गन विश्वविद्यालय, जर्मनी के भारत-विद्या और तुलनात्मक धर्म विभाग में अतिथि प्राध्यापक भी है। उनके व्यापक कार्य-क्षेत्र का अनुभव तथा भारत में जनजाति समुदाय के लिए किये गये कई अनुसंधान अनुमान में आधुनिक विकास मॉडल के संदर्भ में फॉरेजर्स की उचित समझने के लिए विस्तृत किया है। वे पाँच पुस्तकें के लेखक हैं और अग्रणी राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय में कई लेखों के प्रकाशित है। उनके अनुसंधान क्षेत्रों में – जनजाति अध्ययन, शिकारी संचयी समाज, राजनैतिक समाज-शास्त्र और धार्मिक अध्ययन भी शामिल हैं। उन्हें युवाओं तथा अधिकारहीन समुदायों की सेवा में विभिन्न प्रशासनिक अनुभवों के साथ अकादमी काम-काज का संयुक्त ज्ञान हैं। पूर्व में, पी.विष्णु देव 'अध्यक्ष', अध्ययन मंडल, समाज-शास्त्र विभाग, उस्मानिया विश्वविद्यालय; 'निदेशक', इम्पैनल प्रशिक्षण संस्था (उस्मानिया विश्वविद्यालय), युवाकार्य एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार; संयोजक, राष्ट्रीय सेवा योजना, उस्मानिया विश्वविद्यालय; विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रायोजित समान अवसर अनुभाग के 'निदेशक', के रूप में जैसे कई प्रशासनिक पदों पर रहें।

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