एनएलसी के बारे में

    

 

कोयला मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन एनएलसी इंडिया लिमिटेड, भारत सरकार का “नवरत्न” उद्यम को 1956 में अपनी स्थापना से लेकर उपल‍ब्धियों का स्‍वर्णिम इतिहास है।

ऊर्जा क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में एक अग्रणी एनएलसी, निम्‍न परियोजनाओं का संचालन करता है।

  • नेयवेली में प्रतिवर्ष कुल क्षमता का 28.5 मिलियन टन के तीन ओपनकास्‍ट लिग्नाइट खान हैं और बरसिंहसर राजस्थान में प्रतिवर्ष 2.1 मिलियन टन क्षमता का एक ओपनकास्‍ट लिग्नाइट खान है।

  • 3240 मेगावाट की कुल क्षमता के साथ पांच पिटहेड ताप विद्युत संयंत्र हैं। इसके अतिरिक्त, एनएलसी ने अभी तक 25.5 मेगावाट जोडते हुए प्रत्‍येक 1.50 मेगावाट क्षमता के 17 पवन टरबाइन जनरेटर स्थापित किया है, जिससे कुल बिजली उत्पादन क्षमता 3265.50 मेगावाट तक बढ़ गई है।
     

  • एनएलसी ने नेयवेली में 10 मेगावाट सौर फोटो वोल्टिक विद्युत संयंत्र के उद्घाटन करने के साथ नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रखा है, जिससे कुल बिजली उत्पादन क्षमता 3275.50 मेगावाट तक बढ़ गई है।
     

  • • तूतिकोरिन, तमिलनाडु में कोयला आधारित 500 मेगावाट के दो यूनिट क्षमतावाली ताप विद्युत परियोजना है जो एनएलसी तमिलनाडु पावर लिमिटेड (एनटीपीएल), एनएलसी और टेनजेडको का (89:11 के अनुपात में भागीदारी) का संयुक्त उद्यम है। यूनिट-I ने 18 जून 2015 को वाणिज्यिक परिचालन घोषणा प्राप्त की। यूनिट-II ने 29 अगस्त 2015 को वाणिज्यिक परिचालन घोषणा प्राप्त की ।

एनएलसी के सभी खान गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली, पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली और व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली के लिए आईएसओ प्रमाणित हैं। एनएलसी के सभी विद्युत गृह भी गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली और पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली के लिए आईएसओ प्रमाणित हैं। एनएलसी के विकास निरंतर है और भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास में इसका योगदान महत्वपूर्ण है।

 

 

 एनएलसी इंडिया लिमिटेड